what is success in hindi
( सफलता क्या हैं ? )
हममें से हर किसी के लिए सफलता की एक निजी परिभाषा होती है । धरती पर लगभग 95 प्रतिशत लोग गरीब हैं , और उनमें से ज़्यादातर बहुत ही गरीब हैं । खेती के लिए थोड़ी भूमि हासिल करना , उचित वेतन वाली कोई नौकरी पा लेना और बच्चों का ठीक ठाक पालन - पोषण करते हुए उन्हें बड़ा करने के लिए पर्याप्त कमाने का तरीका खोज लेना ही ऐसे परिवार के किसी सदस्य के लिए सफलता हो सकती है ।
सफलता
जीवनपर्यन्त की संतुष्टि , जो आपके कार्य व निजी जीवन में सार्थकता का तत्व सृजित करने से आती है ।
तो , सफलता क्या है ? इस पुस्तक में , सफलता का अर्थ जीवनपर्यन्त की निजी संतुष्टि से लिया गया है ।
निजी संतुष्टि , आपके कार्य और जीवन में सार्थकता के तत्व सृजित करने से आती है । इस प्रकार की सफलता ,
किसी अन्य द्वारा प्रदान की गई नहीं होती और किसी अन्य द्वारा छीनी भी नहीं जा सकती । इसके लिए जोखिम उठाने , चुनौतियों से पार पाने , और आपके सर्वोत्तम संसाधनों का आपकी पूरी क्षमता से उपयोग करने की आवश्यकता होती है ।
सफलता एक सफर है , मंजिल नहीं है । सफलता एक प्रक्रिया है, स्थिति नहीं है । आप सफलता पर नहीं पहुंच सकते । आप रोज़ाना सफलतापूर्वक जीते रह सकते हैं ।
अपने अंदर झांकना , अपने मूल्यों पर विचार करना , और आपके लिए सर्वाधिक सार्थक जीवन - पथ पर आगे बढ़ना इसमें शामिल है ।
आत्म-जागरूकता
अपने निजी मूल्यों , निजी गुणों , कौशलों और रुचियों को पहचानना और उन्हें महत्व देना ही आत्म - जागरूकता है । यह समझना कठिन होता है कि आप वास्तव में अपने जीवन में क्या चाहते हैं ।
सफल लोग , अपने अंदर आत्मविश्वास जगाने और अपने सपनों का पीछा करने का साहस जुटाने के लिए आत्म - जागरूकता का प्रयोग करते हैं । वे अपने विचारों , अहसासों और कार्यों को समझने तथा दूसरों से बेहतर जुड़ने के लिए भी आत्म - जागरूकता का उपयोग करते हैं ।
आत्म-दिशा
सफल लोग एक महत्वपूर्ण गुण : आत्म - दिशा विकसित करके खुद को भीड़ से अलग साबित करते हैं ।
आत्म - दिशा , एक सुनिश्चित लक्ष्य तय करने और उस दिशा में आगे बढ़ने की क्षमता है ।
सफल लोग आपको बता सकते हैं कि वे किधर जा रहे हैं , अपनी राह पर आगे बढ़ते हुए उनकी क्या करने की योजनाएं हैं , और उनके साहसिक कार्य में कौन उनका साथी है ।
जीवन के लिए उनकी निर्धारित योजना होती है । वे लक्ष्य तय करते हैं और वह प्राप्त करते हैं जो चाहते हैं । वे सफलता की दिशा में खुद को स्वयं निर्देशित करते हैं ।
आत्म-प्रतिष्ठा
आत्म - प्रतिष्ठा , खुद को एक अद्वितीय व्यक्ति के रूप में मूल्यवान मानना , सफलता का एक आधार है ।
आत्म - प्रतिष्ठा से लोगों को अपने सपनों और लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने तथा तब भी चलते रहने में मदद मिलती है जब अन्य लोग उनकी आलोचना कर रहे हों या आड़े आ रहे हों ।
इससे उनको यह विश्वास करने में भी मदद मिलती है कि वे पहली बार सफलता के हकदार हैं ।
सकारात्मक सोच
हर कोई अच्छे और बुरे अनुभवों से गुजरता है । बुरे अनुभवों में उलझे रहने के बजाय सफल लोग भावी संभावनाओं पर केंद्रित होना सीखते हैं ।
वे हिम्मत जुटाने और फिर से कोशिश करने के लिए अपनी विफलताओं को अवसरों की तरह उपयोग करते हैं ।
प्रत्येक सफल व्यक्ति जन्मजात आशावादी नहीं होता , बल्कि सफल लोग खुद को अपने लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए सकारात्मक सोच की शक्ति का उपयोग करना सीखते हैं ।
आत्म-प्रेरण
प्रेरित होने और बने रहने के लिए , सफल लोग अपने लिए चुनौतीपूर्ण और प्रेरक दोनों तरह के लक्ष्य तय करते हैं ।
वे उन लक्ष्यों पर केंद्रित होते हैं जिनकी उनके लिए कोई निजी सार्थकता हो , बजाय उन लक्ष्यों के जिनकी ओर समाज या दूसरे लोग उन्हें बढ़ते देखना चाहते हों ।
वे अपनी ज़रूरतें और इच्छाएं समझते हैं और अपने भय के बावजूद खुद को अपनी मनचाही दिशा में आगे बढ़ाने में सक्षम होते हैं ।

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