" प्रेम शायरी "
हिन्दी
1
कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे हम तो दरिया है ,
समंदर में उतर जायेंगे वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए
हम तो बादल है प्यार के ...
किसी और पर बरस जायेंगे |
2
जादू है उसकी बात मे ,
याद बहुत आती है दिन और रात मे ,
कल जब देखा था मैने सपना रात मे ,
तब भी उसका ही हाथ था मेरे हाथ मे ...
3
उस जैसा मोती पूरे समंद्र में नही है ,
वो चीज़ माँग रहा हूँ जो मुक़दर मे नही है ,
किस्मत का लिखा तो मिल जाएगा मेरे ख़ुदा ,
वो चीज़ अदा कर जो किस्मत में नही है ....
4
घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली ....
सारी गली उनके पीछे निकली ....
इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से ......
और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली .........
5
तो दिल से दिल मिले होते तो हमारे भी सपने पुरे हो जाते ,
फूल काँटों पे नहीं खिले होते ,
फूल तो कोई भी बन जाते ,
अगर कांटे नहीं होते !
6
एक जुर्म हुआ है हम से एक यार बना बैठे हैं
कुछ अपना उसको समझ कर सब राज़ बता बैठे हैं
फिर उसकी प्यार की राह में दिल ओर जान गवा बैठे हैं
वो याद बहुत आते हैं जो हुमको भुला बैठे atic हैं ।
7
आँखों मे आ जाते है आँसू ,
फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है ,
ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो ,
जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है ...
8
आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है ,
खूबसूरत से फूलो में डूब जाने को जी चाहता है ,
से आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने ,
क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है .....
ना हम कुछ कह पाते हे ,
ना वोह कुछ कह पाते हे ।
एक दूसरे को देखकर गुजर जाया करते हे ।
कब तक चलता रहेंगा ये सिलसिला ,
ये सोचकर दिन गुजर जाया करते है ।
9
मंज़िलो से अपनी डर ना जाना ,
रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना ,
जब भी ज़रूरत हो ज़िंदगी में किसी अपने की ,
हम आपके अपने है ये भूल ना जाना ।
10
आँखों में दोस्तो जो पानी है हुस्न वालों की ये मेहरबानी है |
आप क्यों सर झुकाए बैठे हैं क्या आपकी भी यही कहानी है ||
11
कभी कभी ,
ऐसा होता है प्यार का असर देर से होता है ।
आपको क्या लगता हम आपके बारे कुछ नही सोचते पर हमारी हर
बात में आपका जिक्र होता है ।
12
कभी कभी ऐसा होता है
प्यार का असर देर से होता है ।
आपको क्या लगता हम आपके बारे कुछ नही सोचते पर हमारी हर
बात में आपका जिक्र होता है ।
13
हम चाहे न चाहे निगाहे मिल ही जाती हैं
निगाहे तो जरिया है दो दिलो के मिलने का जब मिलने हो दो दिल ,
निगाहे मिल ही जाती है ....
14
तुम्हे देखा तुम्हे चाहा तुम्ही को दिल भी दे डाला अब अरमान है
इतना कि तुम मेरे सामने आओ कुछ तुम कहो कुछ हम कहे इकरार
हो जाए मिट जाए सारी दूरियां और प्यार हो जाए .....
15
मेरे वजूद मे काश तू उतार जाए मे देखु आईना ओर तू नज़र आए ,
तू हो सामने और वक़्त ठहर जाए ,
ये ज़िंदगी तुझे यू ही देखते हुए गुज़र जाए ..
16
जब खामोश आँखो से बात होती है
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं
पता नही कब दिन और कब रात होती है ......
17
जाने कभी गुलाब लगती हे जाने कभी
शबाब लगती हे तेरी आखें ही
हमें बहारों का ख्बाब लगती हे में पिए रहु या न पिए रहु ,
लड़खड़ाकर ही चलता हु क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब
लगती है ।
18
वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही ,
वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही ,
वो यादें क्या जिसमे तुम नही I
और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही !!!
19
जब खुदा ने इश्क बनाया होगा ,
तब उसने भी इसे आजमाया होगा ..
हमारी औकात ही क्या है ,
कमबख्त इश्क ने तो खुदा को भी रुलाया होगा !
20
याद तेरी आती है क्यो.यू तड़पाती है क्यो ?
दूर हे जब जाना था ..
फिर रूलाती है क्यो ?
दर्द हुआ है ऐसे ,
जले पे नमक जैसे .
को भी जानता नही ,
तुझे भूलाऊ कैसे ? खुद ।।
21
फूल जब माँगते है बरसो दुआ ,
तब बहारो की कली खिलती है ।
तुम तो आई हो कही जन्नत से ,
ऐसी महबूबा जमाने मे कहाँ मिलती है ||
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