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इतनी शक्ती हमें देना दाता ( Give us so much strength )

  इतनी शक्ती हमें देना दाता  इतनी शक्ती हमें देना दाता  इतनी शक्ती हमें देना दाता ,  Sandeep Kumar मनका विश्वास कमजोर होना ,  हम चले नेक रस्तेपे हमसे ,  भूलकर भी कोई भूल होना ।धृ ।  दूर अज्ञान के हो अंधेरे  तू हमें ज्ञान की रोशनी दे  हर बुराई से बचते रहे हम  जितनी भी दे भली जिंदगी दे  बैर होना किसीका किसीसे  भावना मन में बदलेकी होना ॥१ ॥  हम ना सोचे हमें क्या मिला है  हम ये सोचे किया क्या है अर्पण  फूल खुशियोंके बॉटे सभीको  सब का जीवन ही बन जाये मधुबन  अपनी करुना का जलं तू बहाके  कर दे पावन हर एक मन का कोना । २ । Sandeep Kumar Youtube visit

Learning to think in hindi

 

Learning to think in hindi 


सोचने के तरीके को सीखना




आत्म - अनुशासन हमें उसे पूरा करने में मदद करता है , जो हमें सफल होने के लिए करना ज़रूरी है , लेकिन यह कुछ और अधिक करने के लिए भी हमारी मदद करता है और वह है - सोचना । जो कुछ हम करते हैं उनमें से अधिकांश बातों को हमारी सोच निर्धारित करती है । फिर भी हम में से कुछ यह विचार करना बंद कर देते हैं कि हम कैसे सोचते हैं । क्या हम हमारे आसपास की दुनिया से पूछताछ करते हैं , और हमारे अपने निष्कर्ष पर आते हए तार्किक तरीके से सोचते हैं ? या फिर हम निष्क्रिय रूप से उसे स्वीकार कर लेते हैं , जो हमारे माता - पिता , शिक्षक , दोस्त , राजनेता , विज्ञापनदाता और ' विशेषज्ञ ' हमें बताते हैं ? सक्रिय , आत्म चिंतनशील सोच को गहन विचार के रूप में जाना जाता है ।





विचार करने के लाभ


उन महत्वपूर्ण निर्णयों को लेने के लिए गहन विचार करना अनिवार्य है , जो आपके जीवन को प्रभावित करते हैं : किसी प्रमुख बात का निर्णय लेना , अपना व्यवसाय चुनना या बदलना , फिर से अध्ययन प्रारंभ करना , शादी करना , बच्चे पैदा करना इत्यादि ।
 एक गहन विचारक के रूप में , आपको सामने आई समस्या या मुद्दे को समझने की , उसे सभी विभिन्न कोणों से देखने की विभिन्न विकल्पों पर विचार करने की , और सबसे अच्छे संभव निर्णय पर पहुंचने की जरूरत होती है । 
एक गहन विचारक के रूप में , आप उस समस्या के निवारक भी होते हैं । इसका मतलब यह है कि आप जानते हैं कि किसी भी समस्या के सबसे अच्छे संभव समाधान तक पहुँचने के लिए किन साधनों का उपयोग करना चाहिए ।
 अध्याय 3 में आपने देखा कि बाधाओं को कैसे दूर किया जाता है और अपने लक्ष्यों तक पहुंचा जाता है बाधाओं पर काबू पाने के लिए गहन विचार करना आवश्यक है ।
 यह आपको समस्या को स्पष्ट करने और रचनात्मक समाधान पर आने में मदद करता है । 
निर्णय लेने और समस्या को सुलझाने में मदद करने के अलावा . गहन विचार आपको कई अन्य कौशल और व्यक्तिगत गुणों का विकास करने में मदद करता है , 
 जो सफलता पाने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं , जिसमें आत्म जागरूकता आत्म - ईमानदारी , आत्म प्रेरणा , ग्रहणशीलता , और संवेदना भी शामिल हैं ।


स्पष्टता


स्पष्टता गहन सोच का आधार है । कोई भी विचार या बयान तभी स्पष्ट होता है , जब उसे स्पष्ट शब्दों में कहा जाता है और जो आसानी से समझ में आता है । जब कोई विचार या बयान गड्डमड्ड है और स्पष्ट नहीं है , तब यह जानना असंभव होता है कि क्या यह सही है या गलत है , यह एक तथ्य है या राय है । क्या आप स्पष्ट रूप से सोचते हैं और संवाद करते हैं ? या आप अपनेआप को अधिक बुद्धिमान और परिष्कृत प्रकट करने के लिए जटिल भाषा का प्रयोग करते हैं ? इन स्पष्ट और अस्पष्ट बयानों के बीच के अंतर पर विचार करें : 


निश्चितता


निश्चितता का मतलब है ठीक वही होना । निश्चित होना अस्पष्ट और सामान्य होने के विपरीत होता है । अस्पष्ट और सामान्य बयान कभी - कभी सच होते हैं , लेकिन वे आमतौर पर बहुत ज्यादा बात नहीं कहते । अपने आप से पूछें :
 
 • क्या यह बयान सार्थक होने के लिए पर्याप्त रूप से 
विशिष्ट है ? 
 • क्या मुझे यहाँ और अधिक विस्तार करने की ज़रूरत है ? 

अनिश्चितताः  बहुत ज्यादा टीवी बच्चों को अधिक हिंसक बना देता है ।

 यह अनिश्चित क्यों है :  यह बयान निर्दिष्ट नहीं करता कि किस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अधिक हिंसक बनाते हैं । 

निश्चितः  जो बच्चे टीवी पर अनावश्यक हिंसा के संपर्क में आते हैं, उनकी और अधिक आक्रामक बनने की संभावना होती है ।



सटीकता

सटीकता का अर्थ है तथ्यात्मक सच्चाई । कोई बयान तभी सटीक होता है जब यह तथ्यों के द्वारा समर्थित होता है । यदि यह एक त्रुटि , एक अनुमान , या एक राय है , जो एक तथ्य होने  का नाटक करता है तो तब यह बयान गलत होता है । यदि कोई बात तथ्य पर आधारित है तो उसकी जाँच और सत्यापन किया जा सकता है । अपने आप से पूछें : 
 
 • क्या यह वास्तव में सच है ?
 
 • क्या यह जाँच करना संभव है कि यह सच है कि नहीं ?
 ( यदि नहीं , तो यह कथन शायद सही नहीं है । ) 

 • यह किस पर आधारित है ?
 
 • इस जानकारी का स्रोत कितना विश्वसनीय है ?



प्रासंगिकता


कोई तथ्य या विचार तभी प्रासंगिक होता है जब इसका उस विषय के साथ सीधा संबंध है , जिसकी चर्चा की जा रही है । एक तथ्य या विचार तब अप्रासंगिक होता है , जब उसका विषय के साथ कुछ लेना देना नही होता । अपने आप से पूछें : 
 
 • क्या यह मुद्दे से जुड़ा हुआ है ?
 
• क्या यह विषय को बदलने के लिए , दूसरों की आलोचना करने के लिए , या किसी अन्य व्यक्ति पर दोष थोपने के लिए पेश किया जा रहा है ?

 अप्रासंगिकः  मार्टिन तलाक दे रहा है , इसलिए वह उपाध्यक्ष बनने के लिए एक अच्छा विकल्प नहीं होगा । 
यह अप्रासंगिक क्यों है :  मार्टिन की निजी जिंदगी का उसके काम के प्रदर्शन के साथ कुछ लेना देना नहीं है । 

प्रासंगिकः  मार्टिन के काम में ध्यान की कमी है , इसलिए वह उपाध्यक्ष बनने के लिए एक अच्छा विकल्प नहीं होगा ।  

अप्रासंगिकः  अनिता किसी समय शाकाहारी थी , इसलिए उसे स्थानीय मांस पैक करने वाली परिषद के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित नहीं किया जाना चाहिए ।


गहराई 


कोई भी सोच और विराच के लिए गहराई तक जाना पड़ता है ,









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