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इतनी शक्ती हमें देना दाता ( Give us so much strength )

  इतनी शक्ती हमें देना दाता  इतनी शक्ती हमें देना दाता  इतनी शक्ती हमें देना दाता ,  Sandeep Kumar मनका विश्वास कमजोर होना ,  हम चले नेक रस्तेपे हमसे ,  भूलकर भी कोई भूल होना ।धृ ।  दूर अज्ञान के हो अंधेरे  तू हमें ज्ञान की रोशनी दे  हर बुराई से बचते रहे हम  जितनी भी दे भली जिंदगी दे  बैर होना किसीका किसीसे  भावना मन में बदलेकी होना ॥१ ॥  हम ना सोचे हमें क्या मिला है  हम ये सोचे किया क्या है अर्पण  फूल खुशियोंके बॉटे सभीको  सब का जीवन ही बन जाये मधुबन  अपनी करुना का जलं तू बहाके  कर दे पावन हर एक मन का कोना । २ । Sandeep Kumar Youtube visit

What is success in hindi

  what is success in hindi ( सफलता क्या हैं ? ) हममें से हर किसी के लिए सफलता की एक निजी परिभाषा होती है । धरती पर लगभग 95 प्रतिशत लोग गरीब हैं , और उनमें से ज़्यादातर बहुत ही गरीब हैं । खेती के लिए थोड़ी भूमि हासिल करना , उचित वेतन वाली कोई नौकरी पा लेना और बच्चों का ठीक ठाक पालन - पोषण करते हुए उन्हें बड़ा करने के लिए पर्याप्त कमाने का तरीका खोज लेना ही ऐसे परिवार के किसी सदस्य के लिए सफलता हो सकती है । सफलता   जीवनपर्यन्त की संतुष्टि , जो आपके कार्य व निजी जीवन में सार्थकता का तत्व सृजित करने से आती है ।  तो , सफलता क्या है ? इस पुस्तक में , सफलता का अर्थ जीवनपर्यन्त की निजी संतुष्टि से लिया गया है ।  निजी संतुष्टि , आपके कार्य और जीवन में सार्थकता के तत्व सृजित करने से आती है । इस प्रकार की सफलता ,  किसी अन्य द्वारा प्रदान की गई नहीं होती और किसी अन्य द्वारा छीनी भी नहीं जा सकती । इसके लिए जोखिम उठाने , चुनौतियों से पार पाने , और आपके सर्वोत्तम संसाधनों का आपकी पूरी क्षमता से उपयोग करने की आवश्यकता होती है ।  सफलता एक सफर है , मंजिल नहीं है । सफलता एक ...

Deal with anger in hindi

deal with anger in hindi                                ( क्रोध से निपटना )  क्रोध ;  अप्रसन्नता , असंतुष्टि या शत्रुताभाव का एक प्रबल अहसास । क्रोध से निपटना अनियंत्रित तनाव , हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति में एक बड़ी रुकावट है - उसी तरह अनियंत्रित क्रोध भी ।  अप्रसन्नता असंतुष्टि या शत्रुताभाव का एक प्रबल अहसास क्रोध होता है , जो निराशा के परिणामस्वरूप होता है ।  क्रोध , एक सबसे बुनियादी मानवीय भावना है , जो व्यथित करने वाली परिस्थितियों में की जाने वाली सामान्य प्रतिक्रिया होती है । हालांकि ज्यादातर बार क्रोध वास्तव में हमारे लिए मददगार नहीं साबित होता । यह हमारी ऊर्जा खींच लेता है और हमें हमारे लक्ष्यों की राह से भटका देता है ।  जब हम क्रोधित होते हैं , तो हम असहाय , तथा और भी ज्यादा निराशा महसूस करते हैं । क्रोध की शुरुआत   • चिल्लाना , अपशब्द कहना , या अन्य गाली - गलौज करना   • शारीरिक दुर्व्यवहार  • अतार्किक मांगें  • दबंगई वाला व्यवहार  •...

Identification of distorted thoughts in hindi

 Identification of distorted thoughts  विचारो को पहचानना सोच और विराच  हमने देखा है कि कि स्वयं को हराने वाला हमारा नज़रिया हमारी उम्मीदों को कमजोर करता है और नाकाम बनाने की चालें चलकर हमें बुरा महसूस कराता है ।  आइए अब एक नजर सोचने के उन अलग - अलग तरह के विकृत तरीकों पर डालते हैं , जो संज्ञानात्मक विकृतियों के रूप में जाने जाते हैं , और ये सकारात्मक सोच के रास्ते में आते हैं ।  यह संज्ञानात्मक विकृति विचारों की स्वयं आलोचक , विसंगत पैटर्न है ।  संज्ञानात्मक विकृतियों को अक्सर स्वचालित ढंग से आने वाले विचार के रूप में जाना जाता है क्योंकि इससे पहले कि हम उस परिस्थिति को समझ पाएं , हमें ये विचार अपने आप आना चालू हो जाते हैं ।  नीचे दिए गए कथनों पर गौर करें , जिनमें संज्ञानात्मक विकृतियां समाहित हैं : असहाय सोच असहाय सोच एक तर्कहीन धारणा है कि अपना जीवन स्वयं आपके नियंत्रण में नहीं है कि कोई और है  जो तार खींच रहा है ।  डिएन ने प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ दिया , बिलों को चुकता नहीं करती , और रिश्तों को ऐसे ही छोड़ देती है ,  क्योंकि उसे ल...

positive thinking and influence in hindi

  positive thinking and influence in  hindi ( सकारात्मक सोच का प्रभाव ) सोच और  नज़रिया सकारात्मक सोच वास्तव में जीवन के प्रति एक दृष्टिकोण या नजरिया है । हमारा नजरिया एक ऐसी धारणा या राय होती है , जो हमें एक निश्चित तरीके से कार्य करने के लिए प्रवृत्त करती है । नज़रिया दुनिया को देखने के हमारे तरीके पर शक्तिशाली प्रभाव डालता है ।  हालांकि संभव है कि आपको इसका पता नहीं चलता , क्योंकि हर चीज़ के लिए आपका नजरिया व्यवहारिक होता है ।  आपका हर एक व्यक्ति के लिए ( अपने आप ससहित ) और लोगों के लिए एक नजरिया होता है जिनकी कोई निश्चित उम्र होती है और जो कोई एक निश्चित काम करते है ।  आपका कुछ निश्चित चीजों जैसे कि स्मार्टफोन , संगीत , कारों , और कपड़ों , के साथ ही पर्यावरण , शिक्षा और आजीविका से संबंधित विचारों के लिए भी एक नजरिया होता है । सकारात्मक और नकारात्मक सोच  नज़रिया सकारात्मक या नकारात्मक , या दोनों हो सकता है ,  यह सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तत्वों का मिलाजुला रूप भी हो सकता है । उदाहरण के लिए ,  आपके अनुभव के आधार पर , आप विश्वास करते हैं ...

How to awaken your inspiration in hindi

  How to awaken your inspiration in  hindi अपनी  प्रेरणा को जागृत करना कुछ अच्छा  करने पर आप को भय लगता  हैं । तो निचे के topic read करने के बाद आप का भय खत्म हो  जाएगा ।    प्रेरणा  और   भावनाएँ प्रेरणा और भावना में निकटतम संबंध होते हैं । वास्तव में , दोनों शब्द एक ही लैटिन क्रिया से आते हैं , जिसका अर्थ है आगे बढ़ना । हम उन चीजों की ओर कदम बढ़ाते हैं जिनको हमने खुशी , प्यार और उत्साह जैसी सुखद भावनाओं के साथ संबद्ध किया हुआ है , और हम उन चीजों से दूर जाते हैं जिन्हें हमने भय , उदासी , और अपराध जैसी अप्रिय भावनाओं के साथ संबद्ध किया हुआ है । विशेष रूप से , दो मजबूत भावनाएँ जो कि एक दूसरे के विपरीत हैं ये प्रेरणा का हिस्सा होती हैं : भय और इच्छा । डर चिंता की एक अप्रिय भावना होती है , जो खतरे की अपेक्षा की वजह से उत्पन्न होती है । भय सबसे शक्तिशाली भावनाओं में से एक है , जो प्रेरणा को प्रभावित कर सकता है । डर आपको घबराता है , जो अक्सर बेवजह होता है और यह आपके लक्ष्य को पराजित कर सकता है । इच्छा का महत्व  सफलता केवल विशेषाधिका...

Jhansi ki rani poem in hindi

" रानी झाँसी की " हिन्दी शायरी सिंहासन हिल उठे , राजवंशों ने भृकुटी तानी थी ,  बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी ,  गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी ,  दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी चमक उठी सन् सत्तावन में  वह तलवार पुरानी थी ।  बुंदेले हरबोलों के मुँह  हमने सुनी कहानी थी ।  खूब लड़ी मर्दानी वह तो  झाँसी वाली रानी थी ।। थी ।   कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ' छबीली ' थी ,  लक्ष्मीबाई नाम , पिता की वह संतान अकेली थी ,  नाना के संग पढ़ती थी वह , नाना के संग खेली थी ,  बरछी , ढाल , कृपाण , कटारी उसकी यही सहेली थी , वीर शिवाजी की गाथाएँ  उसको याद ज बानी थी ।  बुदेले हरबोलों के मुँह   हमने सुनी कहानी थी ।  खूब लड़ी मर्दानी वह तो  झाँसी वाली रानी थी ।। लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार ,  देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों की वार  नकली युद्ध , व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार ,  सैन्य घेरना , दुर्ग तोड़ना , ये थे उसके प्रिय खिलवाड़ , महाराष्ट्र - कुल -...