इतनी शक्ती हमें देना दाता इतनी शक्ती हमें देना दाता इतनी शक्ती हमें देना दाता , Sandeep Kumar मनका विश्वास कमजोर होना , हम चले नेक रस्तेपे हमसे , भूलकर भी कोई भूल होना ।धृ । दूर अज्ञान के हो अंधेरे तू हमें ज्ञान की रोशनी दे हर बुराई से बचते रहे हम जितनी भी दे भली जिंदगी दे बैर होना किसीका किसीसे भावना मन में बदलेकी होना ॥१ ॥ हम ना सोचे हमें क्या मिला है हम ये सोचे किया क्या है अर्पण फूल खुशियोंके बॉटे सभीको सब का जीवन ही बन जाये मधुबन अपनी करुना का जलं तू बहाके कर दे पावन हर एक मन का कोना । २ । Sandeep Kumar Youtube visit
Identification of distorted thoughts विचारो को पहचानना सोच और विराच हमने देखा है कि कि स्वयं को हराने वाला हमारा नज़रिया हमारी उम्मीदों को कमजोर करता है और नाकाम बनाने की चालें चलकर हमें बुरा महसूस कराता है । आइए अब एक नजर सोचने के उन अलग - अलग तरह के विकृत तरीकों पर डालते हैं , जो संज्ञानात्मक विकृतियों के रूप में जाने जाते हैं , और ये सकारात्मक सोच के रास्ते में आते हैं । यह संज्ञानात्मक विकृति विचारों की स्वयं आलोचक , विसंगत पैटर्न है । संज्ञानात्मक विकृतियों को अक्सर स्वचालित ढंग से आने वाले विचार के रूप में जाना जाता है क्योंकि इससे पहले कि हम उस परिस्थिति को समझ पाएं , हमें ये विचार अपने आप आना चालू हो जाते हैं । नीचे दिए गए कथनों पर गौर करें , जिनमें संज्ञानात्मक विकृतियां समाहित हैं : असहाय सोच असहाय सोच एक तर्कहीन धारणा है कि अपना जीवन स्वयं आपके नियंत्रण में नहीं है कि कोई और है जो तार खींच रहा है । डिएन ने प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ दिया , बिलों को चुकता नहीं करती , और रिश्तों को ऐसे ही छोड़ देती है , क्योंकि उसे ल...
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